तत्काल टिकट बुकिंग को लेकर रेलवे का एक बड़ा फैसला आया है अब पहले 10 मिनट में सिर्फ इन यूजर्स को मिलेगा बुकिंग का मौका!

तत्काल टिकट बुकिंग के नए रूल क्या है आये जानते है रेलवे में करीब 2.25 लाख लोग तत्काल टिकट बुक करते हैं इसमें एक बड़ी संख्या ऐसे अकाउंट्स की है जो बिना आधार वेरिफिकेशन से बने हैं .रेलवे ने अब शुरू के 10 मिनट की बुकिंग विंडो पर सिर्फ आधार वेरिफाइड यूजर्स को ही मौका देने का फैसला लिया है. और जिनके आधार वेरिफिकेशन नही है उनके बारे में विचार बाद में करेगी
भारतीय रेलवे ने तत्काल टिकट बुकिंग के नियम बदल दिए हैं। अब अगर आपका IRCTC अकाउंट आधार कार्ड से लिंक नहीं है, तो आप तत्काल टिकट आसानी से नहीं बुक कर पाएंगे। यह नया नियम खासकर उन लोगों के लिए है जो मोबाइल या लैपटॉप से टिकट बुक करते हैं और जल्दी कन्फर्म सीट पाना चाहते हैं। अब सिर्फ वही लोग तत्काल टिकट बुक कर सकेंगे, जिनका अकाउंट आधार से जुड़ा होगा। इसलिए सभी यात्रियों को अपनी IRCTC प्रोफाइल अपडेट करनी जरूरी है।
IRCTC अकाउंट आधार से लिंक करने पर तत्काल टिकट बुकिंग होगा आसान
रेलवे ने यह साफ कर दिया है कि तत्काल टिकट बुकिंग शुरू होने के पहले 10 मिनट में सिर्फ वही यूजर टिकट बुक कर पाएंगे, जिनका IRCTC अकाउंट आधार से लिंक है. यानी इस विंडो में अब ऑथराइज्ड एजेंट्स भी टिकट नहीं काट पाएंगे.
फर्जी बुकिंग पर रोक लगाने की तैयारी
इस फैसले का मकसद फर्जी बुकिंग पर रोक लगाना है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, IRCTC के करीब 13 करोड़ यूजर्स में से सिर्फ 1.2 करोड़ यूजर्स के अकाउंट ही आधार कार्ड से जुड़े हुए हैं। अब रेलवे बाकी यूजर्स से भी कह रहा है कि वे जल्दी से जल्दी अपना अकाउंट आधार से लिंक कर लें। अगर ऐसा नहीं किया गया, तो ऐसे अकाउंट्स को बंद (डिएक्टिवेट) भी किया जा सकता है।
रेलवे की कड़ी नजर रहेगी फर्जी टिकट बुकिंग पर
रेलवे का कहना है कि हर दिन लगभग 2.25 लाख लोग तत्काल टिकट बुक करते हैं। इनमें से बहुत से यूजर्स के अकाउंट आधार से जुड़े नहीं होते और इन्हीं से गलत तरीके से टिकट बुक करने की कोशिश की जाती है। ऐसे मामलों पर रोक लगाने के लिए रेलवे ने करीब 20 लाख अकाउंट्स की जांच शुरू कर दी है।
24 मई से 2 जून के बीच सिर्फ एसी क्लास के लिए 1.08 लाख तत्काल टिकट बुक किए गए। इनमें से पहले ही मिनट में 5,615 टिकट, दूसरे मिनट में 22,827 टिकट और सिर्फ 10 मिनट के अंदर 67,159 टिकट बुक हो गए। यानी कुल एसी टिकटों में से करीब 62.5% टिकट पहले 10 मिनट में ही बिक गए।
वहीं, नॉन-एसी क्लास में रोज़ाना औसतन 1.18 लाख टिकट बुक होते हैं, जिनमें से लगभग 66.4% टिकट पहले 10 मिनट में ही खत्म हो जाते हैं।
सूत्रों के मुताबिक, रेलवे जल्द ही स्टेशन काउंटर से मिलने वाले तत्काल टिकटों के लिए भी आधार वेरिफिकेशन ज़रूरी कर सकता है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस बारे में इशारा करते हुए कहा है कि अब कन्फर्म टिकट उसी यात्री को मिलेगा, जिसकी पहचान e-Aadhaar वेरिफिकेशन से पक्की हो सके। इससे यह तय किया जाएगा कि टिकट सही व्यक्ति को ही मिले, और किसी तरह की धोखाधड़ी न हो।
कैसे करें IRCTC अकाउंट को आधार से लिंक?
- www.irctc.co.in पर जाएं
- यूज़रनेम-पासवर्ड डालकर लॉग इन करें
- ‘My Account’ सेक्शन में जाएं
- ‘Link Your Aadhaar’ पर क्लिक करें
- आधार नंबर और नाम भरें
- OTP डालकर वेरिफाई करें और ‘Update’ पर क्लिक करें
- इसके बाद आपका अकाउंट सफलतापूर्वक आधार से लिंक हो जाएगा.
क्यों जरुरत पड़ी इस बदलाव की
रेलवे चाहता है कि ट्रेन टिकट बुकिंग का पूरा सिस्टम पारदर्शी और सुरक्षित हो, ताकि फर्जी यूजर्स हटाए जा सकें और असली यात्रियों को आसानी से टिकट मिल सके। इसलिए अगर आप चाहते हैं कि आगे चलकर टिकट बुक करते समय कोई परेशानी न हो, तो अभी अपने IRCTC अकाउंट को आधार से लिंक कर लें।
यह नियम सिर्फ बुकिंग को बेहतर बनाने के लिए नहीं है, बल्कि आपकी पहचान और सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है। अब टिकट वही बुक कर पाएगा, जिसकी पहचान सही और आधार से वेरिफाई होगी। इसका मकसद साफ है—हर यात्री को उसका हक का टिकट मिले, और सिस्टम से धोखाधड़ी खत्म हो।