दिल्ली के जंगपुरा में चला अतिक्रमण हटाओ अभियान, कोर्ट के आदेश पर बड़ी कार्रवाई
दिल्ली के जंगपुरा मद्रासी कैंप में सरकारी जमीन से हटाने का अभियान जारी है। बारापुला नाले की सफाई और बाढ़ की समस्या को हल करने के लिए 370 अतिक्रमणों को ध्वस्त किया गया। और वहा के निवासियों को दूसरी जगह रहने का इंतजाम किया है यह कार्रवाई अदालत के आदेश पर की जा रही है।

दक्षिणी दक्षिण पूर्व दिल्ली के जंगपुरा इलाके में मद्रासी कैंप में रविवार को भी अतिक्रमण हटाए जाने का काम जारी रहा यह कार्रवाई अदालत के आदेश पर की जा रही है ताकि बारापुला नाले के पास बने अवैध कब्जे को हटाया जा सके दिल्ली में ऐसी बहुत सी जगह है जहां पर अवैध कब्जे करके लोगों ने झुकिया बना रखी है सरकार उन्ही को हटाने का काम कर रही है ऐसी ही एक जगह बारापुला नाले के पास कुछ लोगों ने रहने के लिए झुकिया बना ली थी जिसकी वजह से वहां पर हमेशा बारिश का पानी भरा रहता था और वहां का नाला भी जाम हो जाता था अब इसी नाले की सफाई की जा रही है क्योंकि बरसात में पानी का बहाव रुक जाता था और बाढ़ जैसी स्थिति बन जाती थी अब तक 370 लोगो को हटाया जा चूका है इसमें से 190 परिवारों को नरेला में नए फ्लैट दिए गए हैं क्योंकि वे वहां के स्थाई निवासी थे उनके पास पर्याप्त कागज थे और जो लोग बच गए है उनको कोई जगह मुहैया नहीं कराई गई है क्योकि वे लोग वहा पर अवैध रह रहे थे उन्हें पुनर्वास नहीं मिल पाया क्योकि उनके पास पर्याप्त कागज नहीं थे जिसकी वजह से उनको वहा से जाना पड़ेगा
जंगपुरा के मद्रासी कैंप में चल रहे अतिक्रमण हटाने के अभियान पर दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के डीएम अनिल बांका ने बताया कि यह कार्रवाई कोर्ट के आदेश पर हो रही है। उन्होंने कहा कि बारापुला नाला बहुत संकरा हो गया था, जिसकी वजह से उसकी सफाई में परेशानी हो रही थी और पानी का बहाव भी रुक रहा था। जब ज़्यादा बारिश होती है तो यही रुकावटें बाढ़ का कारण बनती हैं।
कोर्ट में यह मामला पहले से चल रहा था, और अब कोर्ट ने अतिक्रमण हटाने की इजाज़त दे दी है। जो लोग इस कार्रवाई से प्रभावित हुए हैं, उनमें से जो पात्र थे, उन्हें नरेला में फ्लैट देकर बसाया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि अतिक्रमण हटाने से पहले वहाँ रहने वाले लोगों को पहले ही नोटिस दिया जा चुका था। अब तक 370 अवैध निर्माण तोड़े जा चुके हैं। इनमें से 189 लोगों को नरेला में रहने के लिए घर दिए गए हैं, जबकि 181 लोग ऐसे हैं जो पुनर्वास के लिए योग्य नहीं पाए गए।
दिल्ली में हर साल होने वाले जलभराव की समस्या को सुलझाने के लिए मुख्यमंत्री ने बताया कि ज़िम्मेदार अफसरों की नियुक्ति की गई है। वहीं, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भरोसा दिलाया कि भाजपा सरकार झुग्गी बस्तियों के विकास के लिए पूरी तरह समर्पित है और किसी भी झुग्गी को नहीं तोड़ा जाएगा
झुग्गी बस्ती के दौरे पर लोगों से बात करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार झुग्गी इलाकों में नालियां, शौचालय और पार्क जैसी ज़रूरी सुविधाएं बना रही है। उन्होंने बताया कि जिस बस्ती में वह गई थीं, वहां सीवर लाइन बिछाने का काम चल रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर झूठी अफवाहें फैला रहे हैं कि झुग्गियां तोड़ी जाएंगी, जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं है। उन्होंने सभी झुग्गीवासियों को भरोसा दिलाया कि दिल्ली में एक भी झुग्गी या झुग्गी कॉलोनी नहीं तोड़ी जाएगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि दिल्ली की झुग्गियों के विकास के लिए सरकार ने 700 करोड़ रुपये का बजट तय किया है। उन्होंने कहा कि हर झुग्गी इलाके में नालियों, शौचालयों, स्नान घरों और बच्चों के लिए पार्क जैसी जरूरी सुविधाएं दी जा रही हैं और इन कामों पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार लोगों के भले के लिए काम कर रही है, खासकर झुग्गी में रहने वाले लोगों के लिए। उन्होंने यह भी कहा कि यमुना नदी को साफ करना हमारी प्राथमिकता है और हम इस दिशा में लगातार काम कर रहे हैं।