लोन लेने वाले की मौत हो जाए तो बैंक किससे वसूलता है पैसा? जानिए आसान भाषा में नियम

घर खरीदना हो तो होम लोन,कार चाहिए तो कार लोन, बच्चों की पढ़ाई के लिए एजुकेशन लोन, पर्सनल जरूरत के लिए पर्सनल लोन आसानी से मिल जाता है। बैंक EMI के जरिए लोन की वसूली करते हैं।

पर सवाल ये है कि अगर लोन लेने वाले की मौत हो जाए, तो बैंक किससे लोन की रकम वसूलता है?

लोन लेने वाले की मौत

बैंक दो तरह के लोन देते हैं

1️⃣ सिक्योर्ड लोन:
होम लोन, कार लोन, गोल्ड लोन, बिजनेस लोन। इसमें बैंक के पास गिरवी प्रॉपर्टी होती है।

2️⃣ अनसिक्योर्ड लोन:
पर्सनल लोन, क्रेडिट कार्ड लोन, स्टूडेंट लोन। इसमें बैंक के पास कोई गिरवी नहीं होती।

अगर पर्सनल लोन लेने वाले की मौत हो जाए?

✅ पर्सनल लोन अनसिक्योर्ड होता है, इसलिए बैंक सीधे प्रॉपर्टी जब्त नहीं कर सकता।
✅ अगर मृतक के पास प्रॉपर्टी है और परिवार रखना चाहता है, तो परिवार को लोन चुकाना होगा।
✅ अगर को-एप्लीकेंट (साथ में साइन करने वाला) है, तो वही लोन चुकाने का जिम्मेदार होगा।
✅ अगर को-एप्लीकेंट भी चुकाने में असमर्थ है, तो बैंक गारंटर से वसूली करेगा।
✅ अगर गारंटर भी चुकाने में असमर्थ है, तो बैंक इसे NPA (नॉन परफॉर्मिंग एसेट) में डाल देता है।

अगर होम लोन या कार लोन लेने वाले की मौत हो जाए?

✅ ये सिक्योर्ड लोन होते हैं।
✅ अगर लोन लेने वाले की मौत हो जाती है, तो बैंक घर या गाड़ी को सीज कर लेता है।
✅ बाद में नीलामी कर प्रॉपर्टी या गाड़ी बेचकर लोन की रकम वसूल लेता है।

एजुकेशन लोन या बिजनेस लोन लेने वाले की मौत पर क्या होता है?

✅ सबसे पहले बैंक को-एप्लीकेंट या गारंटर से लोन वसूली की कोशिश करता है।
✅ अगर वह चुकाने में असमर्थ हो, तो बैंक कानूनी उत्तराधिकारी (legal heirs) से संपर्क करता है।
✅ अगर लोन लेते समय लोन इंश्योरेंस लिया गया था, तो इंश्योरेंस कंपनी लोन का भुगतान कर देती है।
✅ अगर अन्य विकल्प नहीं बचते, तो मृतक की संपत्ति बेचकर बैंक लोन वसूल करता है।

टर्म इंश्योरेंस क्यों जरूरी है?

अगर आप कोई बड़ा लोन ले रहे हैं, तो 1 करोड़ का टर्म इंश्योरेंस जरूर लें। अगर लोन चुकाने से पहले आपकी मौत हो जाती है, तो बीमा की राशि से लोन चुकाया जा सकता है। इससे आपके परिवार पर लोन का बोझ नहीं पड़ेगा और प्रॉपर्टी भी सुरक्षित रहेगी।

निष्कर्ष

लोन लेने वाले की मौत पर लोन की वसूली का नियम इस पर निर्भर करता है कि लोन सिक्योर्ड है या अनसिक्योर्ड।
✅ अगर सिक्योर्ड लोन है, तो बैंक संपत्ति बेचकर वसूली करता है।
✅ अगर अनसिक्योर्ड लोन है, तो को-एप्लीकेंट, गारंटर और फिर कानूनी उत्तराधिकारियों से वसूली की कोशिश की जाती है।
✅ अगर लोन इंश्योरेंस है, तो इंश्योरेंस कंपनी लोन चुकाती है।

लोन लेते समय टर्म इंश्योरेंस जरूर लें ताकि भविष्य में आपके परिवार को परेशानी न हो।

disitalmarketingram@gmail.com

नमस्कार दोस्तों मेरे नाम राम प्रसाद है मैं पिछले कुछ महीनो से Online काम कर रहा हूं जैसे कि Blogging, Website Design, Online App से इस blog के माध्यम से वही जानकारी आपके साथ शेयर कर रहा हूं एक Educational purpose के जरिए

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