कोलेस्ट्रॉल और हाई ब्लड प्रेशर अब सिर्फ उम्रदराज लोगों की समस्या नहीं रही, बल्कि कम उम्र के लोग भी इनसे जूझ रहे हैं। ऐसे में जरूरी है कि हम दिल की सेहत का ख्याल रखें और समय रहते अपनी जीवनशैली में बदलाव करें।
आयुर्वेद में दिल को स्वस्थ रखने के कई आसान और प्राकृतिक उपाय बताए गए हैं। इन्हीं में से एक खास उपाय है – आंवला और हल्दी का मेल। यह देसी नुस्खा दिल की नसों को साफ करने, कोलेस्ट्रॉल घटाने और खून का प्रवाह बेहतर करने में मदद करता है।
आंवला – विटामिन C का खजाना
आंवला (Amla) को आयुर्वेद में रसायन यानी अमृत समान औषधि माना गया है। इसमें विटामिन C की मात्रा संतरे से भी कहीं ज्यादा होती है।
- आंवला नसों को ऑक्सीडेटिव डैमेज से बचाता है।
- यह खराब (LDL) कोलेस्ट्रॉल को कम करता है और अच्छे (HDL) कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है।
- यह खून को साफ रखता है और दिल की उम्र को बढ़ाता है।
हल्दी – सूजन और चर्बी की दुश्मन
हल्दी (Turmeric) हर भारतीय रसोई का हिस्सा है। इसमें पाया जाने वाला करक्यूमिन (Curcumin) बहुत शक्तिशाली तत्व है।
- करक्यूमिन सूजन को कम करता है, जिससे धमनियाँ सुरक्षित रहती हैं।
- यह खून को जमने से रोकता है और थक्के बनने की संभावना घटाता है।
हल्दी ट्राइग्लिसराइड्स और चर्बी को कम करने में मदद करती है।
आंवला और हल्दी का मिश्रण – दिल के लिए रामबाण
अगर आप रोजाना आंवले का रस और हल्दी को मिलाकर पीते हैं, तो यह आपके दिल को प्राकृतिक ढाल की तरह सुरक्षा देता है।
आंवले का विटामिन C और हल्दी का करक्यूमिन खून की नसों में जमा चर्बी और कोलेस्ट्रॉल को धीरे-धीरे साफ करते हैं। इससे खून का प्रवाह आसान हो जाता है।
आंवला LDL को घटाता है और HDL को बढ़ाता है। वहीं हल्दी खून में मौजूद ट्राइग्लिसराइड्स को कम करती है। इस तरह दोनों मिलकर कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करते हैं।
- एंडोथेलियम को मजबूत बनाता है
खून की नलियों की अंदरूनी परत यानी एंडोथेलियम, ब्लड प्रेशर और खून के जमने को कंट्रोल करती है। तनाव और खराब डाइट इसे कमजोर कर देते हैं। आंवला और हल्दी इसे मजबूत बनाते हैं।
शरीर में छिपी हुई हल्की-हल्की सूजन (Low-grade inflammation) दिल की बीमारियों का कारण बनती है। हल्दी का करक्यूमिन सूजन को रोकता है और आंवला शरीर को ठंडक देता है।
नाइट्रिक ऑक्साइड खून की नसों को ढीला करता है और ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है। आंवला इसकी मात्रा बढ़ाता है और हल्दी इसे टूटने से बचाती है। इससे ब्लड प्रेशर कंट्रोल रहता है।
- ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाता है
प्रदूषण, प्रोसेस्ड फूड और तनाव से शरीर में फ्री रेडिकल्स बनते हैं। ये दिल और धमनियों को नुकसान पहुँचाते हैं। आंवला और हल्दी एक ढाल की तरह काम करके इस नुकसान से बचाते हैं।
कैसे करें सेवन?
- आंवला रस: रोज सुबह खाली पेट 20-30 ml आंवला रस लें।
- हल्दी: इसमें आधा चम्मच हल्दी पाउडर मिलाएँ।
- चाहें तो इसमें शहद भी मिला सकते हैं, स्वाद और फायदे दोनों बढ़ जाएंगे।
नियमित रूप से इसका सेवन करने से खून साफ होता है, कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल रहता है और दिल स्वस्थ रहता है।
किन लोगों को ज्यादा फायदा होगा?
- जिन्हें कोलेस्ट्रॉल की समस्या है।
- जिनका ब्लड प्रेशर अक्सर हाई रहता है।
- जिन्हें थकान, भारीपन और सुस्ती महसूस होती है।
- जिनके परिवार में हार्ट डिजीज का इतिहास रहा है।
कुछ सावधानियाँ
- अगर आप ब्लड थिनर (खून पतला करने वाली दवा) लेते हैं तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
- हल्दी और आंवला का सेवन सीमित मात्रा में करें, ज्यादा मात्रा नुकसान भी कर सकती है।
- डाइट और एक्सरसाइज के साथ ही यह नुस्खा ज्यादा असर दिखाता है।
नतीजा
दिल हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है और इसे स्वस्थ रखना हर किसी की जिम्मेदारी है। आंवला और हल्दी का यह सरल घरेलू नुस्खा दिल की नसों को साफ रखने, कोलेस्ट्रॉल घटाने और ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने में मदद करता है। यह न केवल दिल को मजबूत बनाता है, बल्कि उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को भी धीमा करता है।
तो अगर आप अपने दिल को लंबे समय तक जवान और स्वस्थ रखना चाहते हैं, तो रोजाना इस देसी नुस्खे को अपनाएँ और फर्क खुद महसूस करें।