ईरान इजरायल युद्ध में एक बार फिर से इजरायल ने ईरान को न्यूक्लियर प्रोग्राम के लिए अराक रिएक्टर पर हवाई हमला किया है इजरायल ने हमला करने से पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर चेतावनी दी थी और कहा था इसलिए जगह को खाली करने को कहा था ईरान ने अपने जगह खाली नहीं की और तब इजरायल ने हमला कर दिया जिससे ईरान को काफी नुकसान पहुंचा है

यह हमला ऐसे वक्त हुआ है जब इज़राइल लगातार सातवें दिन ईरान पर हमले कर रहा है। वहीं बुधवार को ईरान के सर्वोच्च नेता ने अमेरिका की बिना शर्त आत्मसमर्पण की मांग को ठुकरा दिया और चेतावनी दी कि यदि अमेरिका ने हस्तक्षेप किया तो उसे ऐसा भारी नुकसान झेलना पड़ेगा जिसे वह कभी भूल नहीं पाएगा।
अराक रिएक्टर को निशाना क्यों बनाया
इज़राइल अब तक ईरान को काफी नुकसान पंहुचा चुका है वह तेहरान और उनके आसपास के सेफ्टी फीचर्स को नुकसान के परमाणु स्थल पर हमले कर चुका है इन हमलों में ईरान के कई सैनिक और वरिष्ठ अधिकारियों और परमाणु वैज्ञानिक के मारे जाने की खबर सामने आई है अब उसने अराक रिएक्टर पर हमला करके इसे तबाह कर दिया है हालांकि ईरानी सरकारी एजेंसी ने कहा है कि उन्होंने इसको पहले ही खाली कर दिया था ऐसे में रेडिसन फैलने का कोई खतरा नहीं है
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अराक रिएक्टर क्यों महत्वपूर्ण है ?
अराक का हैवी वॉटर रिएक्टर तेहरान से करीब 250 किलोमीटर में स्थित है. इस रिएक्टर में भारी जल (Heavy Water) का उपयोग होता है, जो न्यूक्लियर रिएक्टर को ठंडा करने के काम आता है. यह एक बायप्रोडक्ट प्लूटोनियम होता है, जिसका इस्तेमाल परमाणु हथियार बनाने में हो सकता है इसमें अधिक प्लूटोनियम बनने की वजय से 2015 के परमाणु समझौते के तहत ईरान ने इस रिएक्टर को फिर से डिजाइन करने पर मांग की थी ताकि इससे अधिक प्लूटोनियम न बने.अमेरिका के साल 2018 में इस समझौते से हटने के बाद ब्रिटेन ने इस परियोजना में ईरान की मदद की थी.
हालांकि अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने हाल ही में चेतावनी दी थी कि वह ईरान के भारी जल उत्पादन की निगरानी ठीक से नहीं कर पा रही है क्योंकि ईरान ने निरीक्षकों पर कुछ पाबंदियां लगा दी हैं. IAEA के निरीक्षकों ने आखिरी बार 14 मई को अराक रिएक्टर का दौरा किया था.
