Agni-V : मिसाइल टेस्टिंग से PAK में खौफ

Agni-V मिसाइल का MIRV परीक्षण सफल, पाकिस्तान में बढ़ी हलचलक्या भारत परमाणु क्षमता में इज़ाफा कर रहा है?

Agni-V

इन दिनों एक बड़ी खबर निकाल कर सामने आ रही है की Agni-V मिसाइल के परीक्षण के बाद पाकिस्तान में खौफ पैदा हो गया है उसे लग रहा है कि भारत अपने परमाणु हथियारों का जखीरा बढ़ा रहा है या आने वाले समय में बढ़ाने वाला है क्योंकि अग्नि 5 में लगी MIRV तकनीक के लिए ज्यादा हथियारों की जरूरत नहीं पड़ती पाकिस्तान रक्षा विशेषज्ञ ने इस पर एक लेख लिखकर पाकिस्तान की जनता को उजागर किया है जिससे पाकिस्तान घबरा रहा की भारत कही दोबारा हमला करने का सोच रहा है

भारत की Agni-V मिसाइल जिसका हल ही में परीक्षण किया गया है उसकी वजह से पाकिस्तान में डर का माहौल बना हुआ है भारत में इस बार Agni-V मिसाइल में MIRV  तकनीक का इस्तेमाल क्या है यानी मिसाइल की नाक पर एक हथियार नहीं बल्कि तीन या  उससे ज्यादा हथियार लगाया जा सकता है मतलब एक ही मिसाइल में कई टारगेट हिट की जा सकते हैं इसी वजह से पाकिस्तान थोड़ा घबराया हुआ है कि कहीं भारत एक ही झटका में हमारे कई जगह पर हमला भी कर सकते हैं इस्लामाबाद के स्ट्रैटेजिक विजन इंस्टीट्यूट के रिसर्च ऑफिसर हमदान खान. हमदान ने पाकिस्तान की न्यूज वेबसाइट wenews पर एक लेख लिख कर भारत की बढ़ती ताकत पर चिंता जताई है पाकिस्तान के एक लेख में लिखा है

11 मार्च 2024 को भारत के (DRDO) ने लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल Agni-V का सफल परीक्षण किया. यह तीन स्टेज की सॉलिड फ्यूल वाली परमाणु हथियार संपन्न मिसाइल है. इसकी रेंज 7 हजार किलोमीटर से ज्यादा है. 2012 के बाद से इस मिसाइल का यह दसवां परीक्षण है

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इस मिसाइल का परीक्षण दिसंबर 2022 में मध्य रात्रि में किया गया था ताजा परीक्षण में MIRV तकनीक का इस्तेमाल किया गया था हमदान में लिखा है कि भारत कई सालों से इस तकनीक पर काम कर रहा था पहले भी भारत में इस तकनीक का इस्तेमाल मध्यम दूरी और बैलिस्टिक मिसाइल में क्या है Agni-V में इसका प्रदर्शन पहले ही कर दिया था

हमदान के अनुसार भारत में Agni-V मिसाइल चीन से मौजूद खतरों को देखते हुए विकसित किया है क्योंकि चीन लगातार अपने परमाणु हथियारों पर काम करता रहता है उससे बचने के लिए भारत को यह मिसाइल बनाने की आवश्यकता पड़ी अगर बात करें MIRV तकनीकी तो यह भारत की अन्य मिसाइल को भी ताकतवर बना देगा

जमीन से दागी जाने वाली अग्नि 5 और अग्नि पी मिसाइल अगर यह तकनीक इस्तेमाल होती है तो भारत की ताकत कई गुना बढ़ जाएगी अभी तक यह नहीं पता कि भारत की मिसाइल में MIRV तकनीक के जरिए कितने परमाणु हथियार एक बार में धागे जा सकते हैं अभी इस पर और ज्यादा रिसर्च चल रही है मगर यह जानकारी भी गुप्त रखी गई है

हमदान में लिखा है कि भारतीय मीडिया के मुताबिक तीन से 6 हथियार लगाए जा सकते हैं लेकिन कुछ मीडिया रिपोर्ट में इसे 12 भी बताया गया है लेकिन अभी इस बात की पुष्टि पूरी तरह नहीं की गई है कि इस तकनीक में कितनी ताकत है यह अपने जमीन से लांच होने वाली 50-60 मिसाइल और समरीन से लांच होने वाली मिसाइल पर दो से तीन वॉरहेड लगा सकता है वॉरहेड क्या है आए जानते है एक बम या मिसाइल का वह हिस्सा जिसमें विस्फोटक या नुक़सान पहुँचाने वाला पदार्थ भरा होता है।वॉरहेड ही वह हिस्सा होता है जो असली धमाका करता है भारत यह मिसाइल की ताकत कई गुना बढ़ा देगी इसलिए पाकिस्तान में माहौल का खतरा बना हुआ है

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Agni-5 एक अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल है. देश की इकलौती मिसाइल है, जिसकी रेंज में अब रूस के ऊपरी हिस्से से लेकर, आधा अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया का उत्तरी हिस्सा, ग्रीनलैंड तक सब नियंत्रण में आ जाएगा. इसे DRDO और भारत डायनेमिक्स लिमिटेड ने मिलकर बनाया था.

अग्नि-5 मिसाइल का वजन 50 हजार किलोग्राम था. इसका वजन 20 फीसदी से ज्यादा कम किया गया है. यह 17.5 मीटर लंबी है. इसका व्यास 2 मीटर यानी 6.7 फीट है. इसके ऊपर 1500 किलोग्राम वजन का परमाणु हथियार लगा सकते हैं.

29 हजार km/hr की स्पीड

अग्नि-5 मिसाइल तीन चरणों वाले रॉकेट बूस्टर से चलती है, जिनमें ठोस ईंधन (सॉलिड फ्यूल) का इस्तेमाल होता है। इसकी रफ्तार आवाज की गति से 24 गुना ज्यादा है – यानी यह एक सेकंड में करीब 8.16 किलोमीटर उड़ सकती है। इसकी कुल गति करीब 29,400 किलोमीटर प्रति घंटे है, जिससे यह दुश्मन पर बहुत तेजी से हमला कर सकती है।

इस मिसाइल में रिंग लेजर गाइरोस्कोप, इनर्शियल नेविगेशन सिस्टम, जीपीएस और भारत का अपना NavIC सैटेलाइट गाइडेंस सिस्टम लगा है, जिससे यह बेहद सटीक निशाना लगाती है। खास बात ये है कि अगर दुश्मन अपना ठिकाना 10 से 80 मीटर तक भी बदल ले, तब भी अग्नि-5 उसे आसानी से ढूंढकर निशाना बना सकता है – यानी इससे बच पाना लगभग नामुमकिन है।

इस मिसाइल की सबसे खास बात है इसकी MIRV तकनीक (मल्टिपल इंडिपेंडेंटली टार्गेटेबल रीएंट्री व्हीकल्स). इस तकनीक में मिसाइल के ऊपर लगाए जाने वॉरहेड (Warhead) की संख्या बढ़ाई जा सकती है. यानी एक मिसाइल एक साथ कई टारगेट पर निशाना लगा सकता है. इसकी तैनाती स्ट्रैटेजिक फोर्सेस कमांड (Strategic Forces Command) में की गई है. इस कमांड के तहत ही भारत की सभी मिसाइलों का संचालन किया जाता है. इसमें पृथ्वी, अग्नि और सूर्य जैसी मिसाइलें शामिल हैं. सूर्य मिसाइल अभी नहीं बनी  है. इसकी रेज 12 से 16 हजार किलोमीटर होगी. उससे पहले अग्नि-6 बनाई जाएगी जो 8 से 12 हजार किलोमीटर रेंज की होगी. इसी कमांड में समुद्र में मौजूद सैन्य मिसाइलें भी शामिल हैं. जैसेधनुष, सागरिका आदि

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