Covid-19 देशभर में फैल रहा है देश के कोने कोने में कोविड फैल रहा है अब वैक्सीनेशन पर आ गया है नये अपडेट

भारत देश में कोरोना के मामले दिन पर दिन बढ़ते जा रहे हैं कोरोना के अभी तक एक्टिव कैसे बढ़कर 7400 हो गए हैं वैक्सीन को लेकर शुरू से ही कोविड वैक्सीन्स कई प्रकार के सवाल उठते रहते हैं हालिया अध्ययन में वैक्सीन को प्रभावित को लेकर विशेषज्ञों ने बड़ा दावा किया है आईए जानते हैं इसके बारे में
कोरोना की नई अपडेट से भारत में एक चिंता का कारण बनी हुई है शनिवार 14 जून के अपडेट के मुताबिक देश में कुल एक्टिव केस 7400 के पार चले गए हैं पिछले 24 घंटे में 269 नए लोगों को संक्रमण का शिकार पाया गया है वही 9 लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी है इसके साथ अब तक इस साल कोरोना के कारण मौत के मामले बढ़कर 87 हो गए हैं कोरोना ने मई के मध्य महीने में रफ्तार पकड़ी थी
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जो अब धीरे-धीरे बढ़ती दिखाई दे रही है और संक्रमण के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है देश में बढ़ते संक्रमण के जोखिमों को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सभी लोगों को सावथानी बरतने और मास्क पहनने, संक्रमण से बचाव के लिए कोविड उपयुक्त सभी व्यवहार का पालन करते रहने (जैसे हाथों की स्वच्छता का पालन करते रहने, भीड़-भाड़ में जाने से बचने) की सलाह दी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जिन लोगो को जायदा जोखिम है जैसे 65 साल से अधिक, कोमोरबिडिटी के शिकार और कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों को अपने डॉक्टर की सलाह पर बूस्टर वैक्सीन ले लेनी चाहिए। और कुछ सावथानिया बरतनी चाहिए

कोरोना महामारी की शुरुआत से ही कोविड वैक्सीन्स को लेकर कई प्रकार के सवाल उठते रहे हैं। हाल में भी कई ऐसी रिपोर्ट्स सामने आईं है जिसमें कहा जा रहा था कि कोविड वैक्सीन्स कुछ लोगों की सेहत को प्रभावित कर रही हैं। और इस वैक्सीन्स से लोगो के शरीर में कई प्रकार की बीमारिया लग गई है इसमें हार्ट अटैक जैसी बीमारिया शामिल है
साथ ही साथ विशेषज्ञों की टीम लगातार ये भी कहती आ रही है कि कोरोना जैसी महामारी से केवल वैक्सीनेशन ही बचा सकती है और सबसे प्रभावी औऱ मजबूत हथियार वैक्सीनेशन ही है। कोविड वैक्सीन्स को लेकर अध्ययन कर रही वैज्ञानिकों की टीम ने दावा किया है कि वैक्सीन न सिर्फ प्रभावी है बल्कि कुछ बीमारियो को ठीक भी करने में कारगर साबित हुए है यह किडनी से संबंधित गंभीर समस्याओं के जोखिमों को कम करने में भी मददगार हो सकती हैं।
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वैक्सीनेशन को लेकर सामने आई बड़ी खबर
यूसीएलए हेल्थ द्वारा किए गए एक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने बताया है कि कोविड वैक्सीन लगवाने से अस्पताल में भर्ती मरीजों में किडनी डैमेज या इससे संबंधित किसी अन्य गंभीर समस्या का जोखिम कम हो गया है। अस्पताल में भर्ती हुए लगभग 3,500 मरीजों के डेटा का विश्लेषण किया गया, जिससे पता चला कि जिन लोगों को टीका लगाया गया था, उन्हें कंटीन्यूअस रीनल रिप्लेसमेंट थेरेपी (सीआरआरटी) की आवश्यकता काफी कम हो गई । सीआरआरटी एक प्रकार का डायलिसिस है जिसका उपयोग किडनी फेलियर वाले मरीजों के लिए किया जाता है।

किडनी के मरीजों के लिए वैक्सीनेशन एक वरदान साबित हो रहा है
जांच कर्ताओं ने बताया कि किडनी के जिन मरीजों का वैक्सीनेशन नहीं हुआ था ऐसे लोगों को मृत्यु अधिक हुई और जिन लोगों को कॉविड-19 वैक्सीनेशन हुआ था ऐसे लोगों को सीआरआरटी थेरेपी की आवश्यकता 16% कम हो गई थी वह अस्पताल से छुट्टी के बाद इसकी जरूरत कम महसूस होने लगी थी जबकि जिनका वैक्सीनेशन नहीं हुआ था उनकी सीआरआरटी थेरेपी ढाई गुना अधिक बढ़ती चली गई जिससे उनकी रोगियों की मृत्यु का जोखिम अधिक हो गया था इसलिए कोविड वैक्सीनेशन का काफी असर किडनी पेशेंट पर पड़ा है
अध्ययनों में पाया गया था कि कोरोना का संक्रमण किडनी से संबंधित समस्याओं को बढ़ाने वाला हो सकता है, बच्चों में भी इसका जोखिम देखा जाता रहा है। इतना ही नहीं कोविड संक्रमण वाले बच्चों में छह महीने के भीतर क्रोनिक किडनी डिजीज और कुछ स्थितियों में किडनी फेलियर होने का जोखिम 35% अधिक था। इस अध्ययन के आधार पर विशेषज्ञों ने निष्कर्ष निकाला है कि वैक्सीनेशन किडनी रोगियों के लिए विशेष लाभप्रद हो सकती है। हालांकि इस बारे में सभी लोगों को अपने डॉक्टर से भी समझ लेना जरूरी है।
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