GST में हो रही थे गजब की धांधली,भारत सरकार को लगाया 30 करोड़ का चूना, पकड़ा गया मास्टरमाइंड
चंडीगढ़ में GST के बड़े अधिकारियों ने एक फर्जीवाड़ा का पर्दाफाश किया है घोटाले में बिना सामान की सप्लाई के फर्जी बिल बनाकर इनपुट टैक्स क्रेडिट ITC का गलत उठाया जा रहा था इस मामले इस मास्टरमाइंड को लुधियाना से गिरफ्तार कर लिया इसका नाम मनोहर सिंह है यहाँ कई वर्षो से इस घोटालो को अंजाम दे रहा था
GST घोटाले कौन कौन सी कंपनियां रहीं शामिल
GST के अधिकारियों के मुताबिक इस फ्रॉड में कई जानी मानी बिजनेसमैन कंपनियां शामिल थी जिनमें दिल्ली की M/s JHA और JHA एंटरप्राइजेज, M/s गोयल ट्रेडिंग एजेंसी, M/s मां वैष्णो एंटरप्राइज और लुधियाना की M/s SS एंटरप्राइजेज, M/s PC टेक्नो सॉल्यूशंस और M/s PMI स्मेल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं. इन कंपनियों पर जिंक प्रोडक्ट्स के लिए फर्जी इनवॉइस बनाने का आरोप लगा है
षड्यंत्र किस प्रकार रचा गया
जांच के शुरुआत में पता चला है कि इस पर फर्जीवाड़े में लगभग 30 करोड रुपए का गलत ITC लिया गया है और अभी आगे जांच चल रही है उम्मीद है कि यह रकम आगे बढ़ सकती है जांच में पता चला है कि मनमोहन सिंह ने इस पूरे रैकेट को तैयार किया और फिर चलाया उसने फर्जी कंपनियां बनाकर उसके जरिए गलत ITC हासिल किया है इसके अलावा मनमोहन सिंह मनमोहन ने कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर बैंकिंग ट्रांजैक्शन और कैश मूवमेंट की व्यवस्था की जिसके लिए उसने कमीशन भी लिया

चलिए ITC के बारे में जाने
ITC ,(GST) (Goods and Services Tax) से जुड़ा हुआ है जिसका मतलब है (Input Tax Credit) जो टैक्स आपने अपने बिज़नेस के लिए सामान या सेवाएं खरीदते समय चुकाया है, उसे आप अपनी आउटपुट टैक्स देनदारी से घटा सकते हैं। जैसे आपने कच्चे माल पर ₹1,000 का GST दिया। आपने जो सामान बनाया, उस पर ₹1,500 का GST बनता है। तो आपको सरकार को केवल ₹500 (₹1500 – ₹1000) ही देना होगा।
ITC लेने की शर्तें
- आपके पास टैक्स इनवॉइस होना चाहिए
- सामान/सेवा आपको मिल चुका हो
- सप्लायर ने वो टैक्स सरकार को जमा कर दिया हो
- आपने वह सामान/सेवा बिज़नेस के लिए ही इस्तेमाल की हो
- आपने वह GST रिटर्न (GSTR-3B) में दिखाया हो
ITC किन मामलों में नहीं मिलता?
- व्यक्तिगत उपयोग के लिए खरीदा गया सामान
- अगर आपने रिटर्न समय पर नहीं भरा
- कुछ खास चीज़ों पर जैसे: मोटर वाहन (जब तक वो आगे सेल या टैक्सी बिज़नेस के लिए न हों), मुफ्त उपहार, मनोरंजन खर्च आदि

चलिए GST के बारे में जाने, GST क्या होता है
GST का पूरा नाम है: Goods and Services Tax (वस्तु एवं सेवा कर) होता है GST एक ऐसा टैक्स है जो हम किसी भी सामान या सेवा को खरीदते समय चुकाते हैं।
पहले केंद्र और राज्य सरकारें अलग-अलग टैक्स लगाती थीं — जैसे VAT, Excise Duty, Service Tax आदि। अब ये सभी टैक्स मिलाकर सिर्फ एक टैक्स – GST लगा दिया गया है। GST के कुछ मुख्य उद्देश्य है जैसे पूरे देश में एक समान टैक्स सिस्टम लागू करना ,व्यापार को सरल बनाना,टैक्स की चोरी रोकना,ग्राहकों पर डबल टैक्स का बोझ खत्म करना
भारत में 5 मुख्य GST स्लैब हैं:
0% – जैसे: दूध, फल, सब्ज़ी
5% – जैसे: रेल टिकट, रेस्टोरेंट फूड
12% – जैसे: कपड़े, मोबाइल
18% – जैसे: ज्यादातर सेवाएं, इलेक्ट्रॉनिक आइटम
28% – जैसे: लग्ज़री सामान, गाड़ियाँ
मनमोहन सिंह को जेल में भेज दिया गया है DGGI ने कहा है की जांच अभी जारी है और इस रैकेट में जितने भी लोग शामिल हैं उन सब को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा इस तरह की गतिविधियां टैक्स सिस्टम की पारदर्शिता और निष्पक्षता को नुकसान पहुंचती हैं इस तरह के फर्जीवाड़े से टैक्स सिस्टम को काफी नुकसान होता है और टैक्स या GST पर गंभीर आरोप भी लगते हैं फर्जी इनवॉइस और गलत ITC दावों से सिर्फ इमानदार टैक्सपेयर को नुकसान होता है बल्कि सरकार को भी बड़ा नुकसान झेलना पड़ता है यह बाजार में असमानता और गलत इनफार्मेशन पहुँचती है
