दिल्ली-एनसीआर में इस समय H3N2 Flu नाम का इनफ्लुएंजा A वायरस तेजी से फैल रहा है। हाल ही में हुए एक सर्वे के अनुसार, यहां 10 में से 7 परिवारों में कोई न कोई सदस्य इस वायरस की चपेट में है।
पहली नजर में यह फ्लू सामान्य सर्दी-जुकाम जैसा लगता है, लेकिन असल में यह ज्यादा गंभीर और लंबा असर करने वाला है।
H3N2 Flu वायरस के लक्षण क्या हैं?
H3N2 के लक्षण सामान्य फ्लू जैसे ही होते हैं, लेकिन इनका असर लंबे समय तक रहता है। अगर आपको लगातार बुखार, ठंड लगना, गले में खराश या खांसी हो रही है तो सावधान रहना जरूरी है। इसके अलावा सिरदर्द, बदन दर्द और बहुत ज्यादा थकान भी इसके लक्षण हैं।
कुछ मामलों में बच्चों को उल्टी और दस्त की समस्या भी देखी गई है। वहीं, जिन लोगों को पहले से सांस की बीमारी है, उन्हें सांस लेने में कठिनाई, ब्रोंकाइटिस और निमोनिया जैसी गंभीर दिक्कतें हो सकती हैं।
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यह वायरस खासकर बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से बीमार लोगों के लिए ज्यादा खतरनाक है। इनकी इम्यूनिटी कमजोर होती है, जिससे इंफेक्शन जल्दी पकड़ लेता है और ठीक होने में ज्यादा समय लगता है।
कितना गंभीर है H3N2 वायरस?
डॉक्टरों का कहना है कि इस बार H3N2 का असर पिछले सालों की तुलना में ज्यादा है। बुखार कई दिनों तक बना रहता है और खांसी-गले की खराश जल्दी ठीक नहीं होती। कई मरीजों को कमजोरी और थकान लंबे समय तक महसूस होती है।
कुछ मामलों में यह वायरस सांस की नली तक पहुंचकर गंभीर संक्रमण कर देता है, जिससे मरीज को अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत पड़ सकती है।
दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल के डॉ. समीर कालरा का कहना है कि जैसे ही फ्लू जैसे लक्षण दिखें, तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। खुद से दवा लेना या एंटीबायोटिक का इस्तेमाल करना नुकसान पहुंचा सकता है। अगर शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज किया जाए, तो यह वायरस और गंभीर रूप ले सकता है।
अगर H3N2 हो जाए तो क्या करें?
अगर आप इस वायरस से संक्रमित हो गए हैं, तो कुछ जरूरी सावधानियां बरतना बेहद जरूरी है:
- पूरा आराम करें – शरीर को ठीक होने के लिए पर्याप्त आराम की जरूरत है।
- ज्यादा पानी पिएं – पानी और तरल पदार्थ लेते रहें ताकि शरीर डिहाइड्रेट न हो।
- मास्क का इस्तेमाल करें – दूसरों तक वायरस फैलने से रोकने के लिए मास्क पहनें।
- हाथ धोते रहें – बार-बार साबुन या सैनिटाइज़र से हाथ धोएं।
- हवादार जगह पर रहें – कमरे में ताजी हवा का आना-जाना जरूरी है।
- फ्लू वैक्सीन लें – अगर उपलब्ध है तो फ्लू की वैक्सीन लेना फायदेमंद हो सकता है।
H3N2 से बचाव कैसे करें?
बचाव हमेशा इलाज से बेहतर होता है। अगर आप भीड़भाड़ वाली जगह पर जाते हैं, तो मास्क पहनें और हाथ धोते रहें। अपनी इम्यूनिटी मजबूत करने के लिए हेल्दी डाइट लें और पर्याप्त नींद जरूर लें।
निष्कर्ष
H3N2 फ्लू दिल्ली-एनसीआर में तेजी से फैल रहा है और यह आम सर्दी-जुकाम से कहीं ज्यादा गंभीर साबित हो रहा है। इस वायरस से बचने के लिए समय पर लक्षणों को पहचानना और डॉक्टर से सलाह लेना बहुत जरूरी है। सही सावधानी और इलाज से इसे नियंत्रित किया जा सकता है।
FAQs
- क्या H3N2 फ्लू सामान्य फ्लू से अलग है?
हां, इसके लक्षण तो सामान्य फ्लू जैसे हैं, लेकिन यह ज्यादा समय तक रहता है और गंभीर असर डाल सकता है। - क्या H3N2 बच्चों के लिए ज्यादा खतरनाक है?
हां, बच्चों की इम्यूनिटी कमजोर होती है, इसलिए उनमें उल्टी, दस्त और सांस की दिक्कतें ज्यादा देखने को मिलती हैं। - क्या इस वायरस का इलाज घर पर हो सकता है?
हल्के मामलों में आराम, पानी और दवाओं से ठीक हो सकता है, लेकिन गंभीर लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। - क्या एंटीबायोटिक दवा से H3N2 ठीक हो सकता है?
नहीं, यह वायरस है और एंटीबायोटिक बैक्टीरिया पर काम करती हैं। इसलिए बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक न लें। - क्या वैक्सीन H3N2 से बचाव कर सकती है?
फ्लू वैक्सीन लेने से संक्रमण का खतरा कम किया जा सकता है और लक्षण भी हल्के रह सकते हैं।