HRA क्या होता है : HRA (House Rent Allowance) नौकरी करने वाला व्यक्ति अगर किराए के मकान में रहता है तो उसको एक तरह का भत्ता मिलता है जो उसकी सैलरी के साथ दिया जाता है उसी को HRA हाउस रेंट अलाउंस कहा जाता है

अगर आप कहीं नौकरी करते हैं और किराए के घर में रहते हैं तो आपको इनकम टैक्स रिटर्न RTI भरते समय HRA यानी हाउस रेंट अलाउंस पर छूट मिलती है या नहीं लेकिन कई लोगों के मन में सवाल आता है कि HRA क्लेम करते समय क्या मकान मालिक का पैन कार्ड देना अनिवार्य है या नहीं अगर मकान का सालाना किराया एक लाख रुपए से ज्यादा है तो इसका जवाब होगा हां लेकिन इसमें भी कुछ शर्ते और नियम लागू हैं
HRA छूट क्या होती है? : सरकारी या प्राइवेट कंपनी में काम करने वाले कर्मचारियों को सैलरी के साथ-साथ HRA भत्ता भी मिलता है यह एक तरह की राहत होती है जो उन लोगों को मिलती है जो किराए पर रहते हैं यह झूठ उनको मिलती है आयकर विभाग HRA पर टैक्स छूट देता है जिससे टैक्स का अमाउंट कम हो जाता है किराए में टैक्स पाने के लिए मकान मालिक से पैन कार्ड नंबर लेने की जरुरत होती है
पुराणी टैक्स प्रणाली : अगर घर का किराया साल भर में ₹100000 से ज्यादा है तो इसमें आपको अपने मकान मालिक का पैन कार्ड नंबर अपने एंपलॉयर के साथ शेयर करना पड़ता है ₹100000 के साल भर का किराया 8333 प्रति महीने हो जाता है इसके अलावा किराए पर HRA टैक्स छूट का प्रॉफिट केवल पुराने टैक्स सिस्टम के तहत ही मिलती है इसमें नए टैक्स सिस्टम के तहत कोई भी छूट नहीं मिलेगी आपको पैन कार्ड के कब जरूरत पड़ती है आए बात करते हैं उसके बारे में
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पैन कार्ड कब देना होगा : अगर आपका किराया 8,333 हजार रुपए प्रति महीना करीब (1 लाख रुपए/साल) का हो जाता है तो आपको किराए HRA पर उसका टैक्स छूट का दावा करने के लिए मकान मालिक का पैन नंबर जमा करने की जरूरत नहीं है यदि किराया 8,333 प्रति महीना और ₹100000 से अधिक है लेकिन ₹50000 प्रति महीना तक है तो आपके मकान मालिक का पैन नंबर देना अनिवार्य है
यहां दो इनकम टैक्स नियम हैं जिनका ध्यान रखना जरूरी है:
- क्या आप हर महीने ₹8,333 से ज्यादा किराया दे रहे हैं?
- अगर हां, तो क्या ये रकम ₹50,000 प्रति माह से भी ज्यादा है?
अगर इनमें से कोई भी या दोनों सवालों का जवाब “हां” है, तो आपको अपने मकान मालिक का PAN नंबर (पैन कार्ड नंबर) इनकम टैक्स विभाग को देना होगा।
मकान मालिक PAN कार्ड नहीं देता तो क्या करें? : अगर किसी कारण वश मकान मालिक पैन कार्ड नंबर देने से मना कर देता है तो आप उसके साथ एक डिक्लेरेशन लेटर भी जमा कर सकते हैं जिसमें लिखा होगा कि मकान मालिक के पास पैन कार्ड नहीं है और साथ मकान मालिक का नाम पता और किराए की जानकारी भी शामिल उस लेटर में लिखी होनी चाहिए आपके पास किराया देने के सबूत जैसे रसीद बैंक स्टेटमेंट इत्यादि उसके लेटर के साथ अटैच कर सकते हैं
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- HRA क्लेम करने के लिए जरूरी डाक्यूमेंट्स :
- मकान मालिक का नाम और पता
- मकान मालिक का PAN (अगर किराया ₹1 लाख सालाना से अधिक है)
- किराए की रसीद
- रेंट एग्रीमेंट (यदि है)
- किराया बैंक के माध्यम से दिया गया हो तो बैंक स्टेटमेंट