1 जून से LPG ग्राहकों को बड़ी राहत मिलेगी और कमर्शियल सिलेंडर भी होगा सस्ता, जानें नई कीमतें
तेल कंपनियों ने कमर्शियल LPG गैस सिलेंडर की कीमतों में बड़ा बदलाव किया है. कंपनी ने 19 किलोग्राम वाले गैस सिलेंडर की कीमत में 24 रुपए काम कर दिए है, जो 1 जून से लागू होंगे . दिल्ली में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की खुदरा कीमत 1 जून से 1723.50 रुपए हो जाएगी. कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में कमी होने से उनको काफी राहत मिलेगी जो अपने व्यवसाय के संचालन के लिए इस पर बहुत अधिक निर्भर हैं. इससे पहले 1 मई को कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतें 15 रुपए कम की गई थीं. हालांकि, घरेलू गैस सिलेंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ था. अप्रैल में कमर्शियल LPG सिलेंडर में 1762 रुपए में मिल रहा था. और अब इसका दाम 1723.50 हो गया है
कमर्शियल LPG सिलेंडर 24 रुपए सस्ता हुआ
LPG कंपनियों ने शनिवार को कमर्शियल सिलेंडर के दाम घटाने का ऐलान कर दिया है. यह बदलाव 1 जून यानी रविवार से लागू हो जायगे . जिसके बाद अब दिल्ली में 19 किलो का कमर्शियल LPG सिलेंडर 1723.50 रुपए में मिलेगा.अब दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर का खुदरा बिक्री मूल्य 1 जून से 1723.50 रुपए होगा.
रेस्तरां और होटल वालो को होगा फायदा
कमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम में यह कटौती व्यापारियों के लिए राहत की बड़ी खबर है. इससे उनकी लागत कम होगी. अर्थव्यवस्था पर भी इसका सकारात्मक असर पड़ेगा . कमर्शियल सिलेंडर का इस्तेमाल ज्यादातर होटल, रेस्तरां और अन्य छोटे व्यपारियो और फ़ास्ट फ़ूड स्टॉल वालो का जयादा फायदा मिलेगा . कीमतें कम होने से इन व्यवसायों के चलाने में लागत में कमी आएगी. इससे उन्हें कुछ राहत मिलेगी सकती है। लागत कम होने से व्यवसायों को प्रोत्साहन भी मिलेगा. इससे आर्थिक गतिविधियों में थोड़ी बढ़ोतरी होने की संभावना है.
जबकि गरेलू LPG पर अभी कोई बदलाव देखनो को नहीं मिला है गरेलू LPG का दाम अभी वही है उसमे कोई बदलाव नहीं किया है

क्यों घट रहे हैं दाम?
इन सभी कटौतियों के पीछे सबसे बड़ी वजह है ग्लोबल क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट. इंटरनेशनल मार्केट में ब्रेंट क्रूड की कीमत 63 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई है, जो कि अप्रैल 2021 के बाद सबसे कम है.
IANS की रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादक देश सऊदी अरब ने संकेत दिए हैं कि वो और कटौती नहीं करेगा और कम कीमतों के लंबे दौर के लिए तैयार है. इससे OPEC की पावर भी कमजोर पड़ सकती है.
भारत को होगा सीधा फायदा
भारत अपनी जरूरत का लगभग 85 फीसदी कच्चा तेल आयात करता है. ऐसे में जब ग्लोबल ऑयल की कीमतें गिरती हैं, तो भारत का इंपोर्ट बिल कम हो जाता है. इससे करंट अकाउंट डेफिसिट घटता है और रुपया मज़बूत होता है. सिर्फ इतना ही नहीं, तेल की कीमतों में गिरावट से पेट्रोल, डीजल और ATF जैसी चीजों की घरेलू कीमतें भी कम होने लगती हैं, जिससे महंगाई पर भी कंट्रोल होता है.
