क्या आप जानते हैं Mulethi Ke Fayde ? लिवर, पाचन और दिल से जुड़ी पूरी जानकारी

हमारे जीवन में इस्तेमाल होने वाली चीजें जैसे मसाले, पेड़-पौधे, फूल और पत्तियां अधिकतर चीजों के बारे में आयुर्वेद में बताया गया है। पुराने समय से आयुर्वेद में इन चीजों का उपयोग बीमारियों को ठीक करने और स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए किया जाता है। इन्हीं सब चीजों में मुलेठी भी शामिल है। आयुर्वेद में मुलेठी का उपयोग कई बीमारियों के इलाज के लिए किया जाता है। मुलेठी का सेवन अक्सर खांसी, जुकाम और गले में खराश की समस्या को ठीक करने के लिए किया जाता है। लेकिन, आयुर्वेद में इस जड़ी बूटी के बारे में और ज्यादा विस्तार से बताया गया है। आयुर्वेद के बारे में जागरुकता फैलाने और लोगों तक सही जानकारी पहुंचाने के लिए आयुर्वेद में मुलेठी खाने के फायदे, नुकसान और खाने का सही तरीका क्या है?
Mulethi Ke Fayde और नुकसान
Mulethi Ke Fayde एक आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है जिसे संस्कृत में ‘यष्टिमधु’, अंग्रेज़ी में ‘Licorice’ और वैज्ञानिक नाम में Glycyrrhiza glabra कहा जाता है। यह खासतौर पर अपने मीठे स्वाद और औषधीय गुणों के लिए जानी जाती है। यह एक बेलनुमा पौधा होता है, जिसकी जड़ें ही सबसे ज्यादा उपयोग में लाई जाती हैं। इसका स्वाद प्राकृतिक रूप से मीठा होता है, इसी कारण इसे “मीठी जड़” भी कहा जाता है।

Mulethi Ke Fayde
- गला दर्द और खांसी में राहत देती है :- मुलेठी सबसे ज्यादा गले में खराश और खांसी की समस्या में फायदेमंद माना जाता है। यह गले की खराश और सूखी खांसी में तुरंत राहत देती है। मुलेठी में ग्लाइसीराइजिन (Glycyrrhizin) नाम का तत्व होता है, जो सूजन को कम करने और म्यूकस को पतला करता है। यह आवाज को सुधारती है, जिसके लिए आप नियमित रूप से इसका उपयोग कर सकते हैं।
- पाचन में सुधार करती है :- मुलेठी में पाए जाने वाले एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पेट की सूजन, एसिडिटी, गैस और अल्सर की समस्या में राहत दिलाता हैं। यह पेट के अंदरूनी घावों को भरने में भी मदद करता है और कब्ज की समस्या को दूर करती है।
- यूरिन से जुड़ी समस्याओं में फायदेमंद :- मुलेठी मूत्रजनक (diuretic) मानी जाती है। यह यूरिन इंफेक्शन में फायदेमंद होती है, पेशाब में जलन को कम करती है और मूत्र मार्ग की सफाई करती है।
- स्किन और बालों की समस्या दूर करें :- मुलेठी के गुण रक्तशुद्धि होते हैं, जिससे स्किन से जुड़ी बीमारी, जैसे एलर्जी, एक्जिमा और खुजली की समस्या से राहत दिलाता है। यह बालों के झड़ने की समस्या को रोकती है और उन्हें मजबूत बनाती है।
- इम्यून सिस्टम मजबूत करें ;- मुलेठी एक ऐसी आयुर्वेदिक औषधि है जो शरीर की शक्ति, पुरुषत्व और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में सहायक है। दूध के साथ लेने पर यह थकान को दूर कर ऊर्जा बढ़ाती है।
नुकसान अगर ज़रूरत से ज़्यादा ली जाए तो
- अधिक मात्रा में लेने से ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है
- पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) हो सकता है
- गर्भवती महिलाओं को बिना डॉक्टर की सलाह के नहीं लेना चाहिए
Mulethi Ke Fayde कैसे सेवन करें:
- चूर्ण (पाउडर) के रूप में
- काढ़ा बनाकर
- गुनगुने पानी या दूध में डालकर
- बाजार में मुलेठी की गोलियां या कैप्सूल भी उपलब्ध हैं
- मुलेठी कौन–कौन सी बीमारी में काम आती है
- खांसी, सर्दी, गले की खराश को ठीक करना
- एसिडिटी, अल्सर, कब्ज को सही करना
- नींद की कमी को दूर करना
- स्किन से जुड़ी समस्याओं से राहत
- यूरिन से जुड़ी समस्याओं को दूर करें
- मानसिक तनाव को दूर करें
- आवाज बैठने की समस्या से राहत
- सांस की तकलीफ दूर करती है
- वायरल बुखार को ठीक करें
- महिलाओं में ब्रेस्ट मिल्क प्रोडक्शन को बढ़ाएं
- शरीर की सूजन को कम करें

- खाली पेट Mulethi Ke Fayde हैं?
मुलेठी खाने के स्वास्थ्य फायदे तो बहुत हैं, लेकिन इसे खाली पेट खाना भी काफी फायदेमंद माना जाता है। खाली पेट मुलेठी खाने से –
- पाचन क्रिया बेहतर रहती है
- अल्सर और पेट के घावों को ठीक करने में मदद मिलती है
- कब्ज और एसिडिटी से राहत मिलती है
- शरीर को ठंडक मिलती है और तनाव कम होता है
- सुबह खाली पेट लेने मुलेठी लेने से पोषक तत्वों के अवशोषण की क्षमता बढ़ती है
- मुलेठी किसे नहीं खानी चाहिए?
मुलेठी का सेवन सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है, लेकिन कुछ स्वास्थ्य स्थितियों में इसे खाने से बचना चाहिए जैसे-
- हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को इसे खाने से बचना चाहिए, क्योंकि ये ब्लड प्रेशर को बढ़ा सकती है।
- जिनको शरीर में सूजन की शिकायत हो, उन्हें इसे खाने से बचना चाहिए।
- किडनी और दिल से जुड़ी बीमारियों से पीड़ित लोगों को बिना डॉक्टर की सलाह के इसका सेवन नहीं करना चाहिए।
- गर्भवती महिलाओं को भी इसके सेवन से बचाव करना चाहिए, और डॉक्टर की सलाह पर ही लेना चाहिए।
- मुलेठी खाने का सही तरीका
- मुलेठी एक शक्तिवर्धक और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली आयुर्वेदिक औषधि है, जिसे सही तरीके से सेवन करना बेहद ज़रूरी है। इसे आमतौर पर गुनगुने दूध के साथ रात को 1–2 ग्राम की मात्रा में लिया जाता है, जिससे शरीर की ताकत बढ़ती है और थकावट दूर होती है। गले की खराश या खांसी के लिए मुलेठी का काढ़ा (तुलसी, अदरक और दालचीनी के साथ) बेहद असरदार होता है। शहद के साथ इसका सेवन सूखी खांसी और गले की सूजन में राहत देता है। पाचन सुधारने के लिए भोजन के बाद गुनगुने पानी के साथ इसका चूर्ण भी लिया जा सकता है। हालांकि, मुलेठी का अधिक मात्रा में या लंबे समय तक सेवन ब्लड प्रेशर बढ़ा सकता है, इसलिए 3 ग्राम से अधिक न लें और गर्भवती महिलाएं या बीपी के मरीज इसे डॉक्टर की सलाह से ही लें।