Operation Shield क्यों हो रहा है क्या पाकिस्तान कल फिर कोई अनहोनी को अंजाम देगा, बॉर्डर से लगे इन 4 राज्यों में क्यों होगी Mock Drilll

Operation Shield के तहत 31 मई को जम्मू-कश्मीर से लेकर पंजाब तक मॉक ड्रिल का एलान किया है पहले यही ड्रिल 29 मई को होनी थी, लेकिन बाद में तारीख में कुछ बदलाव किया गया। मॉक ड्रिल का होना ही मायने रखता है कि युद्ध के समय लोगों को क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए, इस बात की जानकारी दी जाती है। Operation Sindoor से पहले भी केंद्र सरकार ने पूरे देश में मॉक ड्रिल का ऐलान किया था।
इस समय पूरे देश में Operation Shield के तहत मॉक ड्रिल करना तो मुश्किल है लेकिन यह चार राज्यों में जम्मू कश्मीर, गुजरात, पंजाब और राजस्थान में मॉक ड्रिल की जाएगी इस मॉक ड्रिल के जरिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है कि जब भी कोई आतंकवादी गतिविधियां होती है तो उसे कैसे निपटा जाए वैसे इससे पहले 7 मई को देश के 240 जिलों में मॉक ड्रिल का ऐलान हुआ था लेकिन उससे पहले 6 मई की रात को ही सेना ने Operation Sindoor को अंजाम दिया और पाकिस्तान में मौजूद सब ठिकानों का सफाया किया जिसमें लश्कर से लेकर जैश तक के ठिकानों को तबाह कर दिया गया
ऑपरेशन सिंदूर की से पाकिस्तान में हुई तबाही की गवाही खुद पाकिस्तान भी दे रहा है और उसके मंत्री भी लगातार मीडिया के सामने भारत के पराक्रम की पुष्टि कर रहे हैं वैसे तो यह एक तरह से पाकिस्तान को बहुत बड़ा झटका है और इसके साथ-साथ कूटनीति तरीके से भी पड़ोसी देश को आइसोलेट किया जा रहा है इसी के साथ पाकिस्तान की तस्वीर दुनिया के सामने दिखाई दे रही है कि वह कैसे आतंकवादियों को पनाह देता है
Operation Shield का मकसद सीमावर्ती क्षेत्रों में आपात स्थितियों से निपटने की तैयारियों की जांच करना है। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, यह अभ्यास नागरिकों, सुरक्षाबलों और प्रशासनिक एजेंसियों के बीच तालमेल और प्रतिक्रिया प्रणाली को परखने का एक महत्वपूर्ण माध्यम होगा।
मॉक ड्रिल क्या होता है
मॉक ड्रिल एक अभ्यास होता है जो किसी आपातकालीन स्थिति जैसे आग, भूकंप, बम धमाका या अन्य आपदाओं से निपटने के लिए किया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को यह सिखाना होता है कि संकट के समय कैसे सुरक्षित रहना है और क्या-क्या सावधानियाँ बरतनी चाहिए। यह अभ्यास स्कूल, दफ्तर, अस्पताल, फैक्ट्री और सार्वजनिक स्थानों पर कराया जाता है ताकि वहां मौजूद लोग सही समय पर सही निर्णय ले सकें। मॉक ड्रिल में अलार्म बजाया जाता है, लोग सुरक्षित स्थानों की ओर निकलते हैं और आपातकालीन सेवाओं की भूमिका निभाई जाती है। इससे जान-माल की हानि को रोका जा सकता है।