भारत में इनकम टैक्स ऑडिट का सीजन चल रहा है और इसी बीच एक राहत भरी खबर सामने आई है। कर्नाटक हाईकोर्ट ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस (CBDT) को आदेश दिया है कि टैक्स ऑडिट रिपोर्ट (TAR) की फाइलिंग की आखिरी तारीख 30 सितंबर की जगह 31 अक्टूबर कर दी जाए।
कर्नाटक हाईकोर्ट ने क्या आदेश दिया?
CBDT को 31 अक्टूबर तक डेडलाइन बढ़ाने का निर्देश
हाईकोर्ट ने कहा कि CBDT को टैक्सपेयर्स और ऑडिटर्स की दिक्कतों को देखते हुए डेडलाइन बढ़ानी चाहिए।
कर्नाटक स्टेट चार्टर्ड अकाउंटेंट्स एसोसिएशन की याचिका
एसोसिएशन ने कहा कि इस बार ई-फाइलिंग पोर्टल की समस्याओं और देर से जारी हुई यूटिलिटीज की वजह से काम समय पर पूरा करना मुश्किल हो रहा है।
राजस्थान हाईकोर्ट का पहले का फैसला
टैक्स बार एसोसिएशन जोधपुर की याचिका
राजस्थान में टैक्स बार एसोसिएशन, जोधपुर ने इसी मुद्दे पर याचिका डाली थी।
क्यों दिए गए थे ऐसे निर्देश?
कोर्ट ने माना कि CBDT ने पिछले वर्षों में भी समय सीमा बढ़ाई है, इसलिए इस बार भी यह जरूरी है।
राज्य-विशेष तक सीमित असर
सिर्फ कर्नाटक और राजस्थान के लिए लागू
अभी यह आदेश सिर्फ कर्नाटक और राजस्थान के टैक्सपेयर्स को राहत देगा।
पूरे देश में कब होगा असर?
जब तक CBDT आधिकारिक सर्कुलर जारी नहीं करता, पूरे देश में डेडलाइन वही रहेगी।
टैक्स प्रोफेशनल्स और ऑडिटर्स की चुनौतियाँ
इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल की दिक्कतें
लॉगिन न होना, स्लो सर्वर, और AIS जैसी रिपोर्ट्स न खुलना बड़ी समस्या है।
देर से आई ITR यूटिलिटीज
ITR-5, ITR-6 और ITR-7 की यूटिलिटीज देर से आईं, जिससे समय कम मिला।
नए फॉर्म 3CD से बढ़ा बोझ
इस साल रिपोर्टिंग की डिटेल्स और ज्यादा बढ़ गई हैं, जिससे ऑडिट का काम और मुश्किल हो गया है।
टैक्स ऑडिट किन लोगों के लिए ज़रूरी है?
1 करोड़ से ज्यादा टर्नओवर वाले बिज़नेस
अगर किसी बिज़नेस का टर्नओवर ₹1 करोड़ से ऊपर है, तो ऑडिट जरूरी है।
10 करोड़ तक की लिमिट किन्हें मिलेगी?
अगर किसी के कैश रिसीट्स और कैश पेमेंट्स कुल लेन-देन का 5% से ज्यादा नहीं हैं, तो यह लिमिट ₹10 करोड़ तक हो जाती है।
50 लाख से ज्यादा कमाने वाले प्रोफेशनल्स
डॉक्टर्स, लॉयर्स, आर्किटेक्ट्स या चार्टर्ड अकाउंटेंट्स जैसे प्रोफेशनल्स की इनकम अगर ₹50 लाख से ज्यादा है, तो ऑडिट जरूरी है।
प्रिजम्प्टिव टैक्सेशन वाले केस
सेक्शन 44ADA या अन्य प्रिजम्प्टिव स्कीम्स में कुछ केसों में भी ऑडिट की जरूरत पड़ती है।
देर से ऑडिट फाइल करने पर क्या पेनल्टी लगेगी?
अगर समय पर ऑडिट रिपोर्ट फाइल नहीं की, तो 0.5% तक का पेनल्टी टर्नओवर पर लग सकता है। अधिकतम पेनल्टी ₹1.5 लाख तक हो सकती है।
निष्कर्ष
राजस्थान और कर्नाटक हाईकोर्ट के आदेश टैक्सपेयर्स और ऑडिटर्स के लिए राहत की खबर हैं। हालांकि, अभी यह राहत सिर्फ उन्हीं राज्यों तक सीमित है। अगर CBDT पूरे देश के लिए डेडलाइन बढ़ाता है, तो लाखों टैक्सपेयर्स को बड़ी मदद मिलेगी। फिलहाल टैक्सपेयर्स को सलाह है कि वे अपने ऑडिट जल्द से जल्द पूरे करें और CBDT की अगली अधिसूचना पर नज़र रखें।
FAQs
क्या यह आदेश पूरे भारत के लिए लागू है?
नहीं, अभी यह सिर्फ राजस्थान और कर्नाटक के टैक्सपेयर्स पर लागू है।
अगर CBDT ने ऑल इंडिया एक्सटेंशन नहीं दिया तो क्या होगा?
तो बाकी राज्यों में डेडलाइन 30 सितंबर ही मानी जाएगी।
टैक्स ऑडिट रिपोर्ट (TAR) क्या होती है?
यह रिपोर्ट चार्टर्ड अकाउंटेंट तैयार करता है जिसमें बिज़नेस की फाइनेंशियल डीटेल्स होती हैं।
क्या छोटे कारोबारियों को भी ऑडिट कराना पड़ता है?
अगर टर्नओवर ₹1 करोड़ से कम है और नियम पूरे होते हैं, तो ऑडिट की जरूरत नहीं है।
ऑडिट फेल होने पर कितना नुकसान हो सकता है?
लेट फाइलिंग पर ₹1.5 लाख तक का पेनल्टी लग सकता है।