दिल्ली के गोविंदपुरी अवैध कब्जे हटाने के लिए चला बुलडोजर

दिल्ली के गोविंदपुरी अवैध झुग्गियों को तोड़ने पर आया DDA का बयान कब्जे हटाने के लिए चला बुलडोजर

गोविंदपुरी अवैध

दिल्ली के गोविंदपुरी इलाके में DDA की जमींन से अवैध कब्जों को हटाने के लिए एक बार फिर बुलडोजर एक्शन में आ गया है कई वर्षों से इस जमीन पर अवैध अतिक्रमण था यहां लोगों ने झुकिया और मकान भी बना लिए थे कई नोटिस देने के बाद भी लोगों ने जमीन खाली नहीं की मौके पर कानून व्यवस्था और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है

दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने बुधवार (4 जून) को जानकारी दी कि दक्षिणी दिल्ली के गोविंदपुरी इलाके में भूमिहीन कैंप में झुग्गियों को तोड़ने की कार्रवाई पिछले महीने की गई थी. यह कार्रवाई हाई कोर्ट द्वारा याचिकाएं खारिज किए जाने के बाद की गईं.

दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने बुधवार (4 जून) को जानकारी दी कि दक्षिणी दिल्ली के गोविंदपुरी इलाके में भूमिहीन कैंप में झुग्गियों को तोड़ने की कार्रवाई पिछले महीने की गई थी. यह कार्रवाई हाई कोर्ट द्वारा याचिकाएं खारिज किए जाने के बाद की गईं. 26 मई को हाई कोर्ट ने 45 याचिकाकर्ताओं की अर्जी को  खारिज कर दिया था। ये याचिकाकर्ता  अवैध अतिक्रमण के खिलाफ है इसलिए कोर्ट द्वारा याचिकाएं खारिज कर दी थी . DDA के बयान के मुताबिक, मई में जिन झुग्गियों को गिराया गया, वे इन्हीं 45 याचिकाकर्ताओं से जुड़ी थी.

DDA की जानकारी के मुताबिक, दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (DUSIB) की नीति के तहत उन लोगों को पात्र माना गया है जो 1 जनवरी 2015 से पहले झुग्गी बस्तियों में रह रहे थे। इस नीति के अनुसार, भूमिहीन कैंप के 1,862 परिवारों को पात्र पाया गया है और उन्हें कालकाजी एक्सटेंशन में EWS यानी आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के फ्लैट दिए गए हैं। पात्रता साबित करने के लिए यह जरूरी था कि 2015 से पहले उनका नाम वोटर लिस्ट और अन्य पहचान दस्तावेजों में दर्ज हो।
झुग्गियों की कुल संख्या 1,618 थी, जिनमें से अब तक 935 झुग्गियों को गिराया जा चुका है।

DDA ने यह भी बताया कि 683 झुग्गियों को नहीं गिराया जायेगा , क्योंकि इनमें से कई पर कोर्ट का स्टे ऑर्डर है, कुछ झुग्गियां पास-पास होने के कारण प्रभावित नहीं की गईं और 7 धार्मिक ढांचे भी इसी क्षेत्र में स्थित हैं. इन बाधाओं के चलते पूरी बस्ती को हटाने की प्रक्रिया अधूरी रह गई है. कुल 55 याचिकाएं कोर्ट में दाखिल की गई थीं, जिनमें 435 याचिकाकर्ता शामिल थे. ये सभी मामले न्यायमूर्ति धर्मेश शर्मा की अदालत में लंबित हैं. DDA के अनुसार, याचिकाकर्ताओं को छह श्रेणियों में बांटा गया है,

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