नेहरू प्लेस मार्केट जो देश का सबसे बड़ा आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स मार्केट है, अब नया रूप लेने जा रहा है? DDA ने नेहरू प्लेस के नवीनीकरण की योजना तैयार की है, जिससे यह मार्केट फिर से जीवंत और आकर्षक बन सके।
नेहरू प्लेस मार्केट 1980 के दशक में विकसित हुआ था और यह देश की सबसे बड़ी इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी हार्डवेयर मार्केट में से एक है। यहां हर दिन हजारों लोग कंप्यूटर, लैपटॉप और इलेक्ट्रॉनिक सामान लेने आते हैं।

यहां किस प्रकार के व्यवसाय होते हैं?
यहां कंप्यूटर पार्ट्स, सर्वर, लैपटॉप रिपेयरिंग, सॉफ्टवेयर, हार्डवेयर और ऑफिस के लिए इलेक्ट्रॉनिक सामान आसानी से मिल जाता है।
क्यों जरूरी है नेहरू प्लेस मार्केट का पुनर्विकास?
व्यापारियों और ग्राहकों को सबसे बड़ी समस्या गंदगी और कचरे के ढेर से होती है। यहां कूड़ेदान की कमी और नियमित सफाई का न होने के कारण जगह-जगह गंदगी जमा रहती है।
लोग यहाँ वहा थूक देते है साफ सफाई पर कम जोर देते है
बारिश के दिनों में पानी भरना और सीवर का जाम होना आम बात है, जिससे लोगों को चलने में दिक्कत होती है।
फुटपाथ और रास्तों पर अवैध हॉकर्स के कारण लोगों को चलने में परेशानी होती है। दुकानदार भी इससे परेशान रहते हैं।
DDA का नया प्लान क्या है?
दीवारों पर आर्ट और पेंटिंग से सौंदर्यीकरण
DDA ने फैसला किया है कि नेहरू प्लेस मार्केट की दीवारों पर लोकल आर्ट और पेंटिंग से सजाया जाएगा, जिससे जगह और सुंदर लगेगी।
DDA ने कलाकारों से आवेदन मंगवाए हैं ताकि वे अपने आर्ट और हस्तशिल्प के जरिए दीवारों को रंगीन और खूबसूरत बना सकें।
इसके लिए 15 लाख रुपये का बजट तय किया गया है और काम को 45 दिनों में पूरा किया जाएगा।
पिछली बार के पुनर्विकास में क्या किया गया था?
चार साल पहले DDA ने पब्लिक टॉयलेट और मल्टीलेवल पार्किंग की व्यवस्था की थी।
खुले में बैठने की जगहें और चौड़े फुटपाथ बनाए गए थे।
मार्केट में साइनबोर्ड और स्ट्रीट फर्नीचर लगाए गए थे जिससे ग्राहकों को सहूलियत मिल सके।
व्यापारियों का कहना है कि पिछली बार भी सिर्फ आधा काम हुआ था। सफाई रोजाना नहीं होती और पानी की निकासी भी सही नहीं है।
व्यापारियों ने खुद सीसीटीवी कैमरे लगाए और अनाउंसमेंट कर लोगों को थूकने और गंदगी करने से रोका।
व्यापारियों का मानना है कि NGOs और अन्य एजेंसियों को लोगों में साफ-सफाई की आदत डालने के लिए अभियान चलाने चाहिए।
भविष्य में नेहरू प्लेस मार्केट का कैसा रूप होगा?
दीवारों पर रंग-बिरंगी पेंटिंग और आर्ट से नेहरू प्लेस की दीवारें चमकेंगी।
ग्राहकों और दुकानदारों के लिए साफ और सुंदर रास्ते बनाए जाएंगे।
साफ-सफाई और कला के कारण ग्राहक यहां घूमते समय बेहतर अनुभव महसूस करेंगे।
स्थानीय लोगों और दुकानदारों की भागीदारी क्यों जरूरी है?
स्थानीय लोग अपने आसपास सफाई बनाए रखें तो मार्केट साफ रहेगा।
दुकानदार अपने सामान को दुकान के अंदर रखें और फुटपाथ खाली रखें।
लोग अगर पब्लिक प्लेस में थूकने और कूड़ा फेंकने से बचें तो नेहरू प्लेस स्वच्छ रहेगा।
NGOs सफाई और सिविक सेंस के लिए पब्लिक को जागरूक कर सकते हैं। वर्कशॉप और पब्लिक ड्राइव के जरिए लोगों में बदलाव लाया जा सकता है।
नेहरू प्लेस मार्केट का विकास दिल्ली की छवि को सुधारने में मदद करेगा। यह टूरिस्ट्स और दिल्लीवासियों दोनों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा।
निष्कर्ष:
नेहरू प्लेस मार्केट का पुनर्विकास क्यों जरूरी है?
नेहरू प्लेस दिल्ली का महत्वपूर्ण मार्केट है, लेकिन गंदगी, पानी भराव और अव्यवस्था से इसकी छवि खराब होती है। DDA की यह नई पहल और आर्टिस्टिक अपग्रेड नेहरू प्लेस को सुंदर, साफ और आकर्षक बनाएगा। इससे ग्राहकों को अच्छा अनुभव मिलेगा और दुकानदारों का व्यापार भी बढ़ेगा।
FAQs
नेहरू प्लेस क्यों फेमस है?
यह भारत की सबसे बड़ी आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स मार्केट है, जहां कंप्यूटर, लैपटॉप और हार्डवेयर सस्ते दाम में मिलते हैं।
DDA कितने दिनों में काम पूरा करेगा?
DDA ने 45 दिनों में नेहरू प्लेस के सौंदर्यीकरण का काम पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
कितनी लागत से नेहरू प्लेस का सौंदर्यीकरण होगा?
इस काम के लिए ₹15 लाख का बजट तय किया गया है।
स्थानीय लोग क्या कर सकते हैं?
स्थानीय लोग साफ-सफाई बनाए रखने, थूकने से बचने और कूड़ा सही जगह डालकर मार्केट को साफ रखने में मदद कर सकते हैं।
नेहरू प्लेस जाने का बेस्ट समय कौन सा है?
सुबह 11 बजे से शाम 6 बजे तक का समय नेहरू प्लेस में खरीदारी के लिए अच्छा रहता है।