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PF का पैसा निकालने के बाद भी क्या पेंशन मिलेगी और EPS में जमा पैसा कहां जाएगा

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कई बार नौकरी पेशा वाले लोग जरुरत आने पर अपना रिटायरमेंट से पहले कुछ PF (Provident Fund) का पैसा निकाल लेते हैं अब ऐसे में एक सवाल  जरूर आता होगा कि अब एंप्लॉयजी पेंशन स्कीम (EPS) का भी पैसा मिलेगा या नहीं बहुत से लोग यह सोचते हैं कि अगर PF निकाल लिया तो EPS खत्म हो जाएगा लेकिन ऐसा जरूरी तो नहीं है आइए जानते हैं कि PF निकालने के बाद EPS (Employees’ Pension Scheme) का क्या होता है। रिटायरमेंट के बाद इसका लाभ मिलता है या नहीं?

क्या फर्क है PF और EPS

नौकरी वाले लोगो की सैलरी से PF कटता है, तो उसका एक हिस्सा आपकी सेविंग (EPF) में जाता है और दूसरा हिस्सा पेंशन स्कीम (EPS) में। EPF में ब्याज भी मिलता है, लेकिन EPS में नहीं। EPF आपकी सेविंग होती है, जिसे आप कुछ खास नियमों के तहत कभी भी निकाल सकते हैं।वहीं, EPS में जमा पैसा रिटायरमेंट के बाद पेंशन के रूप में देने के लिए होता है, न कि बीच में निकालने के लिए। हालांकि, कुछ मामलों में इसे भी निकाला जा सकता है।

EPS का क्या होगा जब PF निकाल लिया तो

इसका जवाब इस बात पर निर्भर करता है कि आपने कितने साल नौकरी की है। अगर नौकरी 10 साल से कम की है, तो आप EPS का पूरा पैसा एक साथ निकाल सकते हैं। इसके लिए EPFO के Form 10C को भरना होता है। ये ठीक वैसे ही होता है जैसे आप PF निकालते हैं।

10 साल नौकरी के बाद क्या होता है PF का

10 साल नौकरी के बाद आप EPS का पैसा निकाल नहीं सकते। लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि वो पैसा चला गया। ये पैसा आपकी ओर से पेंशन के रूप में जमा होता रहता है, और जब आप 58 साल की उम्र में पहुंचेंगे, तब आप हर महीने एक तय पेंशन क्लेम कर सकते हैं।

क्या PF निकालने के बाद भी EPS का अधिकार बना रहता है?

अगर आपने 10 साल या उससे ज्यादा नौकरी की है और फिर PF निकाल लिया है, तब भी आपका EPS से मिलने वाली पेंशन पर हक बना रहता है। आप जब चाहें, रिटायरमेंट के बाद EPFO में Form 10D भरकर पेंशन लेना शुरू कर सकते हैं। इसलिए PF निकालने से EPS खत्म नहीं हो जाता। वह आपके लिए पेंशन के रूप में सुरक्षित रहता है।

EPS का पैसा कब नहीं मिलेगा?

कुछ स्थितियां ऐसी होती हैं जब EPS का पैसा न तो निकाला जा सकता है और न ही पेंशन मिलती है, जैसे:

अगर हम नौकरी बदलते है तो EPS का क्या होगा ?

अगर आपने कई कंपनियों में काम किया है और हर जगह PF कटता रहा है, तो EPS का हिसाब-किताब भी आपके UAN (Universal Account Number) से जुड़ा रहता है। यानी आप जहां भी गए, EPS जमा होता रहा। यह सब मिलाकर आपकी EPS सर्विस हिस्ट्री बनती है, जो पेंशन की रकम तय करने में काम आती है। ऐसा अक्सर प्राइवेट सेक्टर में होता है

EPS में पेंशन कितनी मिलती है?

EPS में पेंशन की रकम बहुत ज्यादा नहीं होती, लेकिन एक बेसिक सिक्योरिटी मिलती है। यह रकम आपकी आखिरी सैलरी और नौकरी की अवधि पर निर्भर करती है। फिलहाल ज्यादातर मामलों में EPS पेंशन की मैक्सिमम लिमिट ₹7,500 महीना है।वहीं, न्यूनतम आपको ₹1,000 महीना पेंशन मिलेगी, भले ही उनका योगदान या सेवा अवधि इससे कम रकम के लिए योग्यता बनाती हो। इस नियम को सरकार 2014 में नोटिफाई किया था। हालांकि, अब सरकार न्यूनतम पेंशन की सीमा को बढ़ाकर ₹3,000 करने पर विचार कर रही है।

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