PM Modi का विदेशी दौरा ब्राजील में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन में भाग लेने और ग्लोबल साउथ के कई देशों के साथ भारत के संबंध मजबूत करने के लिए होगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2 जुलाई से अपने पिछले 11 वर्षों का सबसे लंबा विदेशी दौरा शुरू करेंगे। यह दौरा 9 जुलाई तक चलेगा, जिसमें वह पांच देशों – घाना, त्रिनिदाद और टोबैगो, अर्जेंटीना, ब्राज़ील और नामीबिया की यात्रा करेंगे।
✅ घाना (2-3 जुलाई):
- पीएम मोदी का घाना का यह पहला दौरा होगा।
- घाना के राष्ट्रपति से मुलाकात कर आर्थिक, ऊर्जा और रक्षा क्षेत्र में सहयोग पर चर्चा करेंगे।
- 30 वर्षों में किसी भारतीय पीएम की यह पहली यात्रा होगी।
✅ त्रिनिदाद और टोबैगो (3-4 जुलाई):
- 1999 के बाद पहली बार कोई भारतीय पीएम वहां जायगे
- राष्ट्रपति क्रिस्टीन कार्ला कांगालू और पीएम कमला परसाद-बिसेसर से मुलाकात करेंगे।
- संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करने की संभावना।
✅ अर्जेंटीना (4-5 जुलाई):
- राष्ट्रपति जेवियर मिली से रक्षा, कृषि, ऊर्जा, व्यापार और निवेश जैसे क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने पर चर्चा।
- भारत और अर्जेंटीना के संबंध और मजबूत करने का प्रयास।
✅ ब्राज़ील (5-8 जुलाई):
- पीएम मोदी रियो डी जेनेरियो में 17वें BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे।
- वैश्विक शासन में सुधार, जलवायु परिवर्तन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, वैश्विक स्वास्थ्य, और वित्तीय मुद्दों पर विचार-विमर्श।
- राष्ट्रपति लूला से ब्रासीलिया में द्विपक्षीय वार्ता कर रक्षा, ऊर्जा, कृषि, स्वास्थ्य और व्यापार में साझेदारी बढ़ाने पर चर्चा।
✅ नामीबिया (8-9 जुलाई):
- पीएम मोदी नामीबिया की संसद को संबोधित करेंगे और राष्ट्रपति नेटुम्बो नांदी-नदाइत्वा से मुलाकात करेंगे।
- यह भारत और नामीबिया के ऐतिहासिक संबंधों को और मजबूत करने का प्रयास होगा।
इस दौरे का महत्व:
✅ पिछले 11 वर्षों में सबसे लंबा राजनयिक दौरा।
✅ भारत की ग्लोबल साउथ में भागीदारी और BRICS में नेतृत्व को मजबूती।
✅ रक्षा, ऊर्जा और व्यापार में नए अवसर तलाशने का मौका।
✅ बहुपक्षीयता और वैश्विक कूटनीति में भारत की सक्रियता का प्रदर्शन।